किस्से-कहानियां
वो किस्से वो कहानियां
तमाम अफ़साने तमाम बातें
याद जब - जब भी आती है
भूल जाता हूँ खुद ही को
पा लेता हूँ , खुद ही मे तुमको
Anuj Pareek



